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भारत में प्राकृतिक संसाधनों का प्रचुर और विविधापूर्ण भंडार है और जल भी उनमें से एक है । इसका विकास और प्रबंधन कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । गरीबी में कमी, पर्यावरणीय स्थायित्व तथा निरंतर आर्थिक विकास के लिए समेकित जल प्रबंधन महत्वपूर्ण है । राष्ट्रीय जल नीति (2002) में देश के जल संसाधनों को एकीकृत तरीके से विकसित और प्रबंधित किए जाने की योजना है ।
जल भोजन है और अग्नि भोजन का भक्षक है !
अग्नि जल में और जल अग्नि में विद्यमान है ।
- तैत्तरीय उपनिषद 3.8
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